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MDU पीरियड्स मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, SC ने हरियाणा और केंद्र को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में होगी अगली सुनवाई

Satyakhabarindia

MDU पीरियड्स मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने एक याचिका दायर की है जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत इस मामले में अगली सुनवाई 15 दिसंबर को करेगी।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार के वकील ने कहा कि इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और घटना के लिए जिम्मेदार दो लोगों तथा प्रशासनिक प्रमुख सहायक रजिस्टर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जस्टिस बी वी नगरत्ना और आर महादेवन की पीठ ने इस मामले में हरियाणा और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई तक जवाब दायर करने को कहा है।

क्या है मामला

बता दे की 26 अक्टूबर को हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष के MDU परिसर का दौरा करने से कुछ घंटे पहले हंगामा हो गया था और तीन सफाई कर्मी महिलाओं का आप था कि दो सुपरवाइजर ने पहले तो उन्हें स्वस्थ बताए जाने के बावजूद परिसर की सफाई करने के लिए मजबूर किया और फिर उनसे यह साबित करने को कहा कि वह मासिक धर्म से गुजर रही है महिलाओं ने आरोप लगाया कि सुपरवाइजर ने उनसे कहा कि वे सहायक रजिस्टर के आदेशों का पालन कर रही हैं। इस दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके कपड़े उतरवा कर पीरियड्स के फोटो खींचे गए।

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क्या हुई कार्रवाई

इस मामले में आपराधिक धमकी, यौन उत्पीड़न, एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने की मंशा और एक महिला पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करने के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। विश्वविद्यालय पहले ही दो सुपरवाइजरों को निलंबित कर चुका है और घटना की आंतरिक जांच के आदेश दिए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की याचिका

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इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने याचिका दायर करते हुए कहा कि यह महिलाओं और लड़कियों की गरिमा, गोपनीयता और शारीरिक स्वायत्तता का बड़े पैमाने पर उल्लंघन है। बार एसोसिएशन का कहना है कि पीरियड्स जचने के लिए कहना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उनके जीवन, सम्मान, गोपनीयता और शारीरिक अखंडता के अधिकारों का घोर उल्लंघन है।

क्या बोले जस्टिस

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस नगरत्ना ने सनी के लिए 15 दिसंबर की तारीख तय करते हुए कहा कि यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है कर्नाटक में सरकार मासिक धर्म के दौरान छुट्टी दे रही है। इसे पढ़ने के बाद मुझे लगा कि वह छुट्टी देने का सबूत मांगेंगे।

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